Monday 9 March 2009

श्रद्धा

ईद और होली का त्यौहार लगभग एक साथ पड़ कर हिंदू मुस्लिम भाइयों को जो खुशी का तोहफा प्रकृति हमें सहज रूप में प्रदान कर रही है वही स्वार्थ लोलुप कट्टरपंथियों (सही शब्दों में " उग्रवादियों") द्वारा प्लानिंग के साथ तहस-नहस कर दिया जाता है।

कुछ स्वार्थियों के चलते सारी मानव जाति, कौम बदनाम हो जाती है, भय का वातावरण व्याप्त हो जाता है, अविश्वाश मुखर हो उठता है , मानवता त्राहिमान-त्राहिमान कर दुहाई देने के आलावा और कुछ कर नही सकती क्यों कि वह जानती है कि हथियार उठाना गैर कानूनी और उग्रवादी इस तरह की गैर कानूनी प्रक्रियाओं में पारंगत। सरकार भी बेबस सिवाय यह कहने के कि अब हम और उग्रवाद, हिंसा बर्दास्त नही करेंगें और कुछ कर नही पाती।

और हम जनता अपने अपने त्यौहार आने पर पुराने सब घाव भूल कर एक बार फ़िर कही सवैईं और कही गुझिया बनाने में व्यस्त हो कर एक बार पुनः अपने चारो ओर खुशीमय वातावरण का निर्माण कर बैठतें हैं।

आप भी इसी खुशीमय वातावरण में प्रशन्नता पूर्वक न केवल अपने-अपने त्यौहार मनाए बल्कि दूसरों की खुशियों में भी तहे दिल से शरीक हो कर भाई-चारें को पुनर्जीवित करने का हार्दिक प्रयास करें। इन शुभअवसरों ऐसे ही कुछ विचार एवं अभिलाषाएं प्रस्तुत हैं :


श्रद्धा


(४७)


मिले गले ईद अरु होली पर ही

क्यों ऐसे ही है हालात बनें

है विद्वेष -भावना इतनी प्रबल

रह -रह "कर" क्यों हैं खून सनें

मानव हो, सीखो घुलना -मिलना

दुःख-तकलीफों से हो सहज निकलना

श्रद्धा-भावः भरो मन में अपने

लगे सर्व-धर्म है सम्मानित कितने

10 comments:

ज्ञानदत्त । GD Pandey said...

यो यत श्रद्ध स एव स:। हमें अपनी श्रद्धा की रक्षा करनी है, असुर अपनी की रक्षा करेगा।

seema gupta said...

आपको परिवार सहित होली की हार्दिक शुभकामनाएं.

Regards

Udan Tashtari said...

श्रद्धा-भावः भरो मन में अपने
लगे सर्व-धर्म है सम्मानित कितने


-उत्तम विचार.

त्यौहार की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.

SANJEEV MISHRA said...

मानव हो, सीखो घुलना -मिलना
दुःख-तकलीफों से हो सहज निकलना
श्रद्धा-भावः भरो मन में अपने
लगे सर्व-धर्म है सम्मानित कितने.

bahut sundar evam samicheen likha hai aapne.
badhaayee sahit dhanywaad sweekar karen.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

श्रद्धा-भावः भरो मन में अपने
लगे सर्व-धर्म है सम्मानित कितने

अति उत्तम विचार......
होली के इस पावन पर्व पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाऎं........

अल्पना वर्मा said...

श्रद्धा-भावः भरो मन में अपनेलगे सर्व-धर्म है ..
bahut hi sundar prastuti hai .
badhaayee.

holi ki shubhkamnayen aap ko bhi.

विनय said...

होली के रंग आपके सभी ख़ाबों को रंग दें और वह पूरे हो जायें!

KK Yadav said...

होली के शुभ अवसर पर,
उल्लास और उमंग से,
हो आपका दिन रंगीन ...

होली मुबारक !
'शब्द सृजन की ओर' पर पढें- ''भारतीय संस्कृति में होली के विभिन्न रंग''

गर्दूं-गाफिल said...

बात सही है मेरे भाई पर क्या आप अकेले मानोगे
शान्ति आपकी नही विवशता यह कैसे पहचानोगे

मेरे ब्लॉग पर आने और सुरमई टीप के लिए आभार
कृपया पुनः पधारें

नीरज गोस्वामी said...

गुप्ता जी
बहुत अच्छे भाव डाले हैं आपने अपनी इस रचना में...आप की रचनाएँ हमेशा मानवता का पाठ पढाती लगती हैं इसीलिए काल जयी हैं.
नीरज