मेरी पिछली पोस्ट "दिल की पाती.... , विद्रोही, अंत में, आभारव्यक्ति" (५ अक्टूबर ) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले निम्न सभीसम्मानीय क्षुदी और शुभचिन्तक पाठक/ पाठिकाओं... या कहें कि स्नेहिल टिप्पणीकारों (क्रम वही, जिस क्रम में टिपण्णी/ प्रतिक्रिया/ आलोचना/ समालोचना प्राप्त हुई)....
सुमन जी, नीरज गोस्वामी जी, हिमांशु पाण्डेय जी, बबली जी, मुकेश कुमार तिवारी जी, पी.सी. गोदियाल जी, रंजना [रंजू भाटिया] जी, रावेंद्रकुमार रवि जी, मार्क राय जी, हेम पाण्डेय जी, अलका सर्वत जी, रश्मि प्रभा जी,ज्योति सिंह जी, Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" जी, चंदन कुमार झा जी, श्यामल सुमन जी, राज भाटिय़ा जी, डाक्टर संध्या गुप्ता जी, हरकीरत हकीर जी, मनोज भारती जी, सर्वत एम. ज़माल जी, गिरिजेश राव जी, सुलभ सतरंगी जी, विनोद कुमार पांडेय जी, वंदना जी, वंदना अवस्थी दुबे जी, डा. टी एस दराल जी, समीर लाल (उड़न तश्तरी)जी, महफूज़ अली जी, रोशनी जी, शरद कोकस जी, तुलसियान पटेल "सच्चाई" जी, डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी, सदा जी, अल्पना जी, विजय कुमार सप्पत्ती जी, विक्रम जी, दिगम्बर नासवा जी, निर्मला कपिला जी, अमित के. सागर जी, राजे शा जी, परमजीत बाली जी, Mrs आशा जोगलेकर जी, मुरारी पारीक जी, योगेश स्वप्न जी, संजीव गौतम जी, अपूर्व जी, अमिताभ (अमिताभ श्रीवास्तव) जी , अनुपम अगरवाल जी एवं एम्. वर्मा जी का विशेष रूप से हार्दिक आभारी हूँ कि आप सभी ने पहले की ही तरह स्नेह बनाये रखते हुए ५ अक्टूबर की मेरी पोस्ट पर भी ह्रदय से मेरी हौसला अफजाई कर भविष्य में भी इसी तरह कुछ न कुछ लिखते रहने और पोस्ट करने लायक संबल प्रदान किया है और आशा है कि भविष्य में भी कुछ यूँ ही अपना-अपना स्नेहिल मार्गदर्शन मेरे ब्लाग पर आकर मुझे अनवरत प्रदान करते रहेंगें....
मैं उन गुरुजन से टिप्पणीकारों का भी विशेष आभारी हूँ, जिन्होंने अलग से मेरे मेल ऐड्रेस पर सन्देश लिख मुझे और भी बेहतर लिखने मार्फ़त सुझाव/ टिप्स दिए.
और अंत मे, मैं अपने उन सह्रदय, परम आदरणीय टिप्पणीकारों का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूँ, जो प्रायः मेरे ब्लाग पर आकर मुझे अपने आशीष वचनों से नवाजते ज़रूर हैं, किन्तु मेरी पिछली पोस्ट पर किसी न किसी खास काम में व्यस्तता के कारण टीका-टिपण्णी करने से चूक गए।
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विनम्र अनुरोध
आप सब से विनम्र अनुरोध है कि कृपया इस "पोस्ट" पर टिपण्णी न करे, यह विशुद्ध रूप से सिर्फ और सिर्फ अपने सभी स्नेहिल टिप्पणीकारों के प्रति सम्मानपूर्वक आभारव्यक्ति के लिए है. इस पोस्ट से सम्बंधित किसी भी तरह की टिपण्णी आप मेरी अगली पोस्ट में कर सकते हैं. आशा है आप सभी अपना पूर्वत स्नेह बनाये रखेंगें..........
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चन्द्रमोहन जी, चलिए कोई बात नहीं आप हमारी इस टिप्पणी को आपकी अगली पोस्ट का एडवांस समझ लीजिए :)
ReplyDeletegood
ReplyDeletehmm........ achcha laga laga padh kar...... kai baaten aapne bahut hi gahrai se kahi hai........
ReplyDeletegood idea sir ji....
ReplyDeleteलो जी टिप्पणी नही करते हैं।
ReplyDeleteअच्छे लेखन के लिए आपको बधाई देते हैं।
भई मैने इसलिये यहाँ टिप्पणी नही की थी कि आपनए ऐसा अनुरोध किया था , बहरहाल मैने आपकी नीन्द वाली पोस्ट पढ़ी है और पढ़कर अच्छा लगा मेरे संग्रह मे " नीन्द न आने की स्थिति मे लिखी कवितायें " शीर्षक से कुछ कवितायें है । कभी प्रस्तुत करूंगा । शुभकामनायें ।
ReplyDeleteबढ़िया रचना..दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ!!
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