हम अनजाने उसको बाधित करक्रोधमय क्रंदन का पाठ पढ़ाते हैंअरे रमों,श्रद्धा-भावों में बच्चों-साभर आँचल, अपना कर ही लेता है "very true and emotional concept of life"Regards
सच कहा आपने हम दरअसल बालक पर अपनी इच्छाए रोपते है...
हम उस में अपने अधूरे सपने थोप देते हैं .अच्छा लिखा है आपने
हम अनजाने उसको बाधित कर
ReplyDeleteक्रोधमय क्रंदन का पाठ पढ़ाते हैं
अरे रमों,श्रद्धा-भावों में बच्चों-सा
भर आँचल, अपना कर ही लेता है
"very true and emotional concept of life"
Regards
सच कहा आपने हम दरअसल बालक पर अपनी इच्छाए रोपते है...
ReplyDeleteहम उस में अपने अधूरे सपने थोप देते हैं .अच्छा लिखा है आपने
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