Mumukshh Ki Rachanain
Sunday, 16 March 2008
श्रद्धा
श्रद्धा
(१२)
बज्जी - संघ ने था उसे बनाया
कानूनन "नगर - वधु वैशाली"
"धिकृत है यह क़ानून" कह गयी
भर विद्वेष , ह्रदय में आम्रपाली
वही बनी फिर विम्बसार-सम्मुख
श्रद्धा से ही अवनत होने
वाली
अनभिग्य विम्बसार - पुत्र भगिनी
हुयी विम्बसार - पुत्र जनने वाली
No comments:
Post a Comment
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment