Mumukshh Ki Rachanain

Sunday, 28 February 2010

होली का पर्व, नफ़रत, हसरत और कसरत, ये होली सबकी

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होली का पर्व होली का पर्व रंगों का पर्व, मस्ती का पर्व, ख़ुशी का पर्व, मदहोशी का पर्व, खाने-पीने का पर्व, खिलाने-पिलाने का पर...
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Wednesday, 24 February 2010

संवेदनाएं. अनजाना/अनजानी, दुर्लभ फिल्म

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संवेदनाएं दिल, निंदिया, स्ट्रेस, भय और मजबूरियाँ भले ही इन्सान को सबसे ज्यादा कष्ट दे रही है, पर इनके प्रति "संवेदनाओं" के दर्शन श...
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Saturday, 31 October 2009

मजबूरियाँ, गिले-शिकवे और प्रगति पर प्रकृति की मार

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मजबूरियाँ दिल, निंदिया, स्ट्रेस, भय के बाद इन्सान को सबसे ज्यादा जो चीज़ कष्ट दे रही है, वो शायद उसकी "मजबूरियाँ" ही हैं. म...
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Friday, 30 October 2009

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आभारव्यक्ति मेरी पिछली पोस्ट "भय, महत्त्व / महत्वहीन....." (२४ अक्टूबर ) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले निम्न सभी सम्मानीय क्षु...
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Saturday, 24 October 2009

भय, महत्त्व / महत्वहीन......

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भय दिल, निंदिया, स्ट्रेस के बाद "भय" , जी हाँ, आज हम इसी पर कुछ बकबकाना चाहते हैं. इस आर्थिक युग में बड़े लोगों ने कुछ सबूतों क...
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१९ अक्टूबर की पोस्ट पर आपकी टिप्पणियों पर आभारव्यक्ति

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आभारव्यक्ति मेरी पिछली पोस्ट "स्ट्रेस भविष्य और अंत में अभारव्यक्ति" (१९ अक्टूबर ) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले निम्न सभी स...
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Mumukshh Ki Rachanain
मैं बचपन से ही स्वान्तः-सुखाय प्रवृत्ति का रहा हूँ. परीक्षाओं में ज्यादा अंक लाने से ज्यादा महत्त्व मूलभूत ज्ञान को दिया. इलाहबाद (प्रयाग) शहर का होने के कारण बचपन से ही साहित्य की ओर झुकाव रहा. जब मैं इंजीनियरिंग के अन्तिम वर्ष में था तो उस समय हमने अपने कुछ सहयोगियों( श्री अजामिल जी, प्रदीप सौरभ जी, दिनेश मिश्रा जी आदि) के साथ भारत का प्रथम बाल समाचार पत्र "नन्हें-मुन्नों का अख़बार" प्रकाशित किया था. बचपन से आज तक समय-बेसमय कुछ न कुछ लिखता ही रहा, पर ज्यादातर स्वान्तः-सुखाय ही. पांडुलिपियाँ धीरे -धीरे ब्लोग्स पर अवतरित हो रहीं हैं. इलेक्ट्रिकल मैन्टेनेन्स में होने के कारण आने और महसूस होने वाली दिक्कतों को मद्देनजर रखते हुए मह्तातों के बेहतर कैरियर के लिए कई किताबे भी बिना धन-लाभ की अभिलाषा के स्वान्तः-सुखाय ही लिखी. यूनिवर्सिटी लेवल एवं राज्य स्तर किकेट प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया. हिंडाल्को क्रिकेट टीम का कई वर्षों तक सदस्य रहा. बायोकेमिक एवं बैच-फ्लावर चिकत्सा पद्धिति में भी कुछ जानकारी हासिल कर सकने की भी हिमाकत की है. सम्प्रति शेयर मार्केट पर ट्रेडिंग से सम्बंधित एक पुस्तक लिखने में व्यस्त हूँ.
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