Mumukshh Ki Rachanain
Saturday, 31 October 2009
मजबूरियाँ, गिले-शिकवे और प्रगति पर प्रकृति की मार
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मजबूरियाँ दिल, निंदिया, स्ट्रेस, भय के बाद इन्सान को सबसे ज्यादा जो चीज़ कष्ट दे रही है, वो शायद उसकी "मजबूरियाँ" ही हैं. म...
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Friday, 30 October 2009
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आभारव्यक्ति मेरी पिछली पोस्ट "भय, महत्त्व / महत्वहीन....." (२४ अक्टूबर ) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले निम्न सभी सम्मानीय क्षु...
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Saturday, 24 October 2009
भय, महत्त्व / महत्वहीन......
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भय दिल, निंदिया, स्ट्रेस के बाद "भय" , जी हाँ, आज हम इसी पर कुछ बकबकाना चाहते हैं. इस आर्थिक युग में बड़े लोगों ने कुछ सबूतों क...
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१९ अक्टूबर की पोस्ट पर आपकी टिप्पणियों पर आभारव्यक्ति
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आभारव्यक्ति मेरी पिछली पोस्ट "स्ट्रेस भविष्य और अंत में अभारव्यक्ति" (१९ अक्टूबर ) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले निम्न सभी स...
Monday, 19 October 2009
स्ट्रेस भविष्य और अंत में अभारव्यक्ति
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स्ट्रेस (तनाव) दिल, निंदिया के बाद यदि वर्तमान समय में मनुष्य मस्तिष्क में लगातार बढ़ते "तनाव" (stress) की बात न की जाये तो शाय...
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